हिंदी शोध संसार

सोमवार, 30 नवंबर 2009

78000 हजार करोड़ रुपये का घोटाला?

जिसके लिए लोगों ने आंसू बहाए और जानें दीं..

प्रस्तुत संदेश कुछ रोज पहले ही प्राप्त हुई थी, जिसे विस्तृत जानकारी और विश्वस्तता की जांच किए बगैर पोस्ट नहीं करने की इच्छा थी. मगर समाचार पत्रों में खबर आ रही है कि आंध्रप्रदेश के पूर्व को मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगमोहन रेड्डी को खुश करने के लिए कांग्रेस उन्हें केंद्र में मंत्रीपद देने की तैयारी कर रही है. जगनमोहन रेड्डी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. ऐसे में, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को उन्हें मंत्रीपद से उपकृत करने से पहले देश की जनता से ये साफ करना चाहिए कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे जगनमोहन रेड्डी को ईमानदार प्रधानमंत्री(? लालू और कोड़ा के संरक्षक ) अपने मंत्रीमंडल में कैसे जगह देंगे?
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                                     चार साल में 78000 करोड़ बनाए

टाटा, रिलायंस, बजाज, इन्फोसिस, विप्रो, बिड़ला ग्रुप को अरबपति बनने में दशकों लग गए लेकिन वाइएसआर एंड कंपनी को करीब 78000 करोड़ रुपये का साम्राज्य बनाने में महज साढ़े चार साल लगे.
सोचिए, 2008-09 में आंध्रप्रदेश का बजट 1,00,000 करोड़ रुपये था, जबकि वाइएसआर का साम्राज्य 78000 करोड़ रुपये का है यानी
1 परिवार=1 राज्य
23000 मेगावाट क्षमता वाली एनटीपीए के एक शेयर का दाम महज 290 रुपये है, जबकि मात्र 22.50 मेगावाट क्षमता वाली संदूर पावर(वाइएसआर की कंपनी) के एक शेयर का दाम 675 रुपये के करीब है. आर्थिक मंदी से जूझ रहे देश और दुनिया के अर्थशास्त्रियों को वाईएसआर परिवार एंड कंपनी से प्रबंधन का गुर सीखने चाहिए.
जगनमोहन की कंपनी जगती पब्लिकेशन(साक्षी समाचार पत्र और भविष्य में शुरू होने वाले इंदिरा टीवी) की बाजार पूंजी 3600 करोड़ रुपये है. है न युवराज का जादू?
7800 करोड़ रुपये के सत्यम घोटाले को देश का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट घोटाला माना जाता है तो 78000 करोड़ रुपये के वाइएसआर फैमिली एंड कंपनी के घोटाले को आप क्या कहेंगे. है नाम देने की हिम्मत?
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                                           78000 करोड़ का साम्राज्य

1956 में आंध्रप्रदेश की शक्ति उत्पादन क्षमता(पावर जेनरेशन कैपेसिटी) 213 मेगावाट थी जो अब 12500 मेगावाट है, बिहार की वर्तमान पावर उत्पादन क्षमता महज 4000 मेगावाट है. यानी आंध्रप्रदेश को 12500 मेगावाट शक्ति पैदा करने में तिरपन साल लगे, लेकिन महज दो साल पहले शुरू हुई वाइएसआर फैमिली एंड कंपनी अगले सात साल में 14000 मेगावाट विद्युत शक्ति पैदा करने की योजना बनाई है. यानी ऐसा करिश्मा सिर्फ वाइएसआर फैमिली एंड कंपनी ही कर सकती है.
रघुराम सिमेंट कंपनी में वाइएस जगमोहन की पूंजी 45 करोड़ रुपये थी. लेकिन कुछ सालों बाद जब यह भारती सिमेंट बन गई तो जगनमोहन की हिस्सेदारी 6500 करोड़ रुपये है.. What an Idea sir jee?
शायद यह भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा घोटाला है.
और शायद यही वजह है कि वाईएसआर को खोजने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान चलाया

3 टिप्‍पणियां :

  1. HERAN HUN AAPKI KHOJI NAZAR AUR AAPKI PAARKHI SAMAJH DEKH KAR .... KAMAAL KA VISHLESHAN HAI ...

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  2. क्या कहा जाये...पूरे देश को गर्त में ले जाते हैं ये.

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  3. मनोज जी वाई एस आर ही नहीं पुरे कांग्रेस पार्टी के टॉप लोगों की सम्पति को यदि खंगालना सुरु किया जाय तो gdp का ५० % से अधिक की राशी स्विस बैंक में जमा मिलेगा. बी जे पी की सबसे बड़ी गलती यह रही की उसने इस मामले को अपने सत्ता काल में बिना किसी कारवाई के छोर दिया. मैं तो उस दिन के इंतजार में हूँ जब मुझे दिल्ली पर शासन का मौका मिलेगा और मैं इन सब चोरों को स श्रम कारावास जुरमाना सहित वासुलूँगा. आशा है की आप भी मेरे साथ होंगे .

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